हिन्दुस्तान कभी भी गाँधी का देश नहीं था..!
हिन्दुस्तान टाइम्स के राजनैतिक संपादक एवं देश के गुणी पत्रकार श्री विनोद शर्मा जी ने अपने फेसबुक पेज पर पूछा कि क्या ये देश आज भी गाँधी देश है ? सवाल जिस लहजे में पूछा गया उससे साफ है कि इशारा देश की वर्तमान आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक परिस्थियों की ओर था..! और आसान शब्दों में कहूँ तो धर्मों, जातियों, भाषाओं व क्षेत्रीय आधार पर बटे विभिन्न समुहों के बीच बढ़ते अविश्वास एवं उसमें देश की सरकारों रुख की ओर था..! निःसंदेह कई मामलों में परिस्थियाँ पहले से अधिक ख़राब हुईं हैं और इस लिहाज से सोचें तो ये देश गाँधी के विचारों के विपरीत आगे बढ़ता दिख रहा है, उनके शब्दों में कहें तो शायद ये देश गाँधी का देश नहीं बचा..! मगर सवाल ये है कि देश कब गाँधी का देश था..? तब जब अंग्रेजी हुकूमत अपनी दमनकारी नीतियों से देश के निम्न वर्ग का शोषण कर रही थी..! या तब जब लगभग सारा देश गाँधी के नेतृत्व में मुल्क की आजादी के लिए अंग्रेजों से लोहा ले रहा था, लाठियां, डंडे यहाँ तक की गोलियाँ खा रहा था ..! या फिर आज़ादी मिलने के ठीक पहले जब भारत भूमि ...